कुत्ते के काटने से होने वाली बीमारी। रेबीज़ (अलर्क, जलांतक) एक विषाणु जनित बीमारी है जिस के कारण अत्यंत तेज इन्सेफेलाइटिस (मस्तिष्क का सूजन) इंसानों एवं अन्य गर्म रक्तयुक्त जानवरों में हो जाता है। प्रारंभिक लक्षणों में बुखार और एक्सपोजर के स्थल पर झुनझुनी शामिल हो सकते हैं।

कुत्ते के काटने से होने वाली बीमारी। रेबीज़ (अलर्क, जलांतक)

रेबीज के लक्षण व्यक्ति के व्यवहार और स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  1. 1.भयानक दरिद्रता और चिंता
  2. 2.मुख में या गले में बहुत ज्यादा दुखाई देने वाला गरम एंड कॉल्ड सेंसेशन
  3. 3.पागलपन या असामान्य व्यवहार
  4. 4.मुस्काने में विरोध या डरावने रूप में बदलाव
  5. 5.गायब हो जाना या से होकर गायब हो जाना
  6. 6.दर्द या खुजली के साथ जलन
  7. 7.थकान और कमजोरी
  8. 8.बुखार और श्वास की समस्याएं
  9. 9.पागलपन, होश नष्ट, और गंभीर भ्रांतियां
  10. रेबीज एक गंभीर बीमारी है, और यदि किसी को इसके लक्षण होते हैं, तो तुरंत चिकित्सक से सहायता प्राप्त करना चाहिए।

कारण,

रेबीज का कारण कुत्ता-बुखार वायरस (Rabies virus) होता है, जो बाइट या छाती के संपर्क के माध्यम से इंसानों और अन्य जानवरों में फैल सकता है। यह एक संक्रामक बीमारी है और इसका प्रभाव संपर्क में आने वाले रक्त और तंतु से होता है।

जब कोई व्यक्ति या जानवर रेबीज संक्रमित होता है, तो इसके लक्षण शुरू होते हैं और समय के साथ बढ़ते हैं। रेबीज का इलाज कठिन है, इसलिए अगर किसी को लगता है कि उन्होंने रेबीज के संक्रमण का सामना किया है, तो वह तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

इलाज

रेबीज का इलाज कठिन है और एक बार इस बीमारी के लक्षण दिखने पर सामान्यत: कोई इलाज संभावना नहीं है। लेकिन, यदि किसी को किसी जानवर के काटने या छाने का संभावना है, तो उन्हें तुरंत चिकित्सक से मिलना चाहिए।

बचाव के लिए, यदि कोई व्यक्ति जानवर के काटने या छाने के माध्यम से रेबीज संक्रमित होता है, तो उसे पहली संभावना में ही रेबीज के खिलाफ टीका (रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन) और रेबीज टीका दिया जाता है। इससे संक्रमण को रोकने की कोशिश की जाती है।

इसके अलावा, किसी को भी जानवर के संपर्क में आने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए ताकि उचित चिकित्सा प्रणाली शुरू की जा सके और संभावना हो सके कि रेबीज से बचा जा सके।

दवा

रेबीज का इलाज मुख्यत: टीके और रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (Rabies Immunoglobulin) के माध्यम से किया जाता है। जब कोई व्यक्ति किसी संक्रमित जानवर के काटने या छाने का शिकार होता है, तो उसे तुरंत रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन की एक खुराक दी जाती है। इसके बाद, कुछ दिनों तक कई खुराकों में रेबीज टीका लगाया जाता है।

यह टीका और इम्यूनोग्लोबुलिन का संयोजन संक्रमण को रोकने और इसके प्रभाव को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, इस बीमारी के लक्षणों का सामान्यत: उपचार नहीं होता है, और एक बार लक्षण दिखने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

यदि किसी को लगता है कि उन्होंने संक्रमण का सामना किया है, तो उन्हें तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए ताकि उचित उपचार शुरू किया जा सके।

उपचार

रेबीज का इलाज कठिन है और इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और उपायों की आवश्यकता होती है। यहां कुछ मुख्य दिशाएं हैं जो रेबीज के संदर्भ में कारगर हो सकती हैं:

  1. 1.रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (Rabies Immunoglobulin): जब कोई व्यक्ति किसी संक्रमित जानवर से काटा जाता है, तो तुरंत उसे रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन का एक खुराक दी जाती है। यह संक्रमण को रोकने में मदद करता है।

  2. 2.रेबीज टीका: इसके बाद, कई दिनों तक व्यक्ति को रेबीज टीका लगाया जाता है। यह इम्यून सिस्टम को सकारात्मक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करता है।

  3. 3.आपातकालीन चिकित्सा: जब लक्षण दिखाई देते हैं, तो व्यक्ति को आपातकालीन चिकित्सा के लिए अस्पताल में भर्ती किया जाता है। यह श्वास, मोटापन, और अन्य लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

रेबीज एक गंभीर बीमारी है और उसका इलाज केवल चिकित्सक की निगरानी में होना चाहिए। इसलिए, यदि किसी को लगता है कि उन्होंने संक्रमण का सामना किया है, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।